Monday, May 2, 2016

तलाशे से नहीं मिले

तलाशे से नहीं मिले
जिनको ढूंढा गया
वो वे आदमी नहीं थे
जो वो बनना चाहते थे बचपन में.
वो निकले बहत्तर प्रतिशत, नब्बे प्रतिशत, हायर सेकेंडरी, बी ए, बी ई.
घास बो दी
कहा फल दे दे
पेड़ बन जा.
खूबसूरत घास, जिससे बगिया महकनी थी
सिमट सहम पीली पड़ गई.
बैठो यहां
डिग्रियां भूल सिसको
बनो जो बनना है
या कुछ भी न बनो.
जो हो बस रहो.

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