Friday, April 8, 2016

एक आखिरी बार चूमो

तुम्हारे चुम्बन में वो एहसास न था
जो पहली दफे किया था तब था.

तुम दबे पांव आ के
सीने से चिपक
दिल में धंस गए पता ही नहीं चला.

निकलने में वक़्त लगता है.
मक्खी तो नहीं कि
झटक दूँ और दूध गटगटा जाऊं.

एक आखिरी बार चूमो
फिर जाता हूँ.

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