Tuesday, January 12, 2016

दिल्ली 1

मैं सोचता हूँ महानगरों में इश्क़ होता कैसे होगा? कंक्रीट के जंगल में धड़कनें सुनाई पड़ती होंगी या भूल-भुलैया में कहीं खो न जाते होंगे दिल?
'आर्गेनिक फ़ूड' के नाम पे धोखा खा रहे लोग इश्क़ के नाम पे भी तो नहीं खा रहे? यहां इश्क़ मंहगी कारों में सवार ही क्यों आता है?
सुना है एयर में बहुत पोलूशन है इस शहर में... और इश्क़ में...?
‪#‎दिल्लीमेरीजां‬

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