Thursday, December 4, 2014

कविता



एक दिन कविता मेरा पाठ्यक्रम बन गई
और मुझे कविता से बोरियत हो गई!

***

जब कविता कला भी थी
सिर्फ अभिव्यति नहीं.
तब सबसे ज्यादा पढ़ी गई.
जब कविता सिर्फ अभिव्यक्ति बची
कहीं पढ़ी नहीं गई.
क्यूंकि विरूप अभिव्यक्ति सिर्फ चुभती है! 

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