Friday, October 31, 2014

इतिहास

इतिहास में दर्ज़ हैं काफ़िर
दर्ज़ हैं शिकारी,
हत्यारे, बलात्कारी.
इतिहास में दर्ज़ नहीं रामू की लुगाई
जो नंगे बदन गांव भर गई घुमाई.
इतिहास में दर्ज़ नहीं छेनू का बाप
जो गुम हो गया शहर जाते,
जिसकी किडनी लगी किसी और को!
लाश नहीं पता, लगी किस ठौर को.
इतिहास में दर्ज़ है न्यायपालिका, डेमोक्रेसी,
जिसके बल मशीनरी ने की
बल्दू के खेत की ऐसी की तैसी.
इतिहास में महाभारत की विधवाओं के नाम नहीं हैं,
क्यूंकि इतिहास में दर्ज़ शासक हैं या भक्षक.

ये मास्टर जी
ज़रा बताओगे-
कि इतिहास हम किसलिए पढ़ते हैं?

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