Tuesday, October 14, 2014

कुछ लडकियां


कुछ लडकियां छाँव हैं,
वो साथ हैं तो
धुप का कोई एहसास ही न हो.

कुछ लडकियां फूल हैं
खिलती हैं, खिलखिलाती हैं,
जिनके साथ तुम बिना हँसे नहीं रह सकते.

कुछ लडकियां दवा हैं
साथ रहती हैं चुपचुप सी
बहुत कुछ कहती हैं अनकहे ही
जैसे कोई दवा हो
धीरे-धीरे, चुपके-चुपके असर कर रही हो.

कुछ लडकियां हवा हैं
जिनके आने-जाने का वक़्त नहीं होता.
तेज बहें तो आघात हैं
न रहें तो सांस न रहे.


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