Tuesday, May 20, 2014

खुद पानी बन जाना




तुम मेरे रास्ते नदी बहा देना,
पानी बन जाना
और डुबा देना नियति को.
ख़ुदा के बनाये तमाम नियमों को धता बता कर
चले आना,
खुद पानी बन जाना,
मेरे रास्ते नदी बहा देना.

लाख टके के कायदे
दो टके में बेच के,
चल देना अपने रस्ते.

लोग पूछें
तो कह देना-
'खुद का काम देखें,
आधी आबादी भूखी है,
खाने का सामान देखें.'

ख़ुदा आये तो पूछ लेना-
'हेडमास्टर था क्या कहीं?'
तमाम नियम बना डाले,
जीने-मरने के.'

खुद का ख़याल रखना,
सवाल तमाम रखना,
रौशनी चुरा लेना,
डर को डरा देना.
फिर पानी बन जाना,
भागीरथी सा बह जाना,
मेरे रास्ते भी नदी बहा देना.


Pic: from explore.org

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