Wednesday, March 26, 2014

बुढ़ापा



झुक गई कमर,
टूट गये दांत.
पोपले मुंह से पोपली बातें,
जवान बेटों के किस्से
बहुओं का प्यार
नाती-पोतों की नादानी
बेटियों को दामादों से मिले
तमाम उपहार.

लाठी सम्हाल सम्हाल,
ढेरों पोपली बातें कर,
कोने में बेंत पे
बैठ गया बुढ़ापा,
एकाकी बुढ़ापा.

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