Wednesday, June 5, 2013

लगता है कागज़ पे गिटार उकेर दूँ.....



लगता है कोरे कागज़ पे गिटार उकेर दूँ,
या कि तेरे जिस्म में अपनी रूह सकेर दूँ.

मजमुआ तुझको दूँ खुशनुमा पलों का.
तुझसे तमाम ग़मों का ढेर लूँ.
आज चल तू मुझमें गुमशुदा हो,
या कि खुद को तुझमें उड़ेल दूँ?

लगता है कोरे कागज़ पे गिटार उकेर दूँ.....


Pic: यश का आधा गिफ्ट किया (आधे पैसे मैंने दिए थे. ;) ) मेरी पसंद का गिटार वाला 'की-रिंग' और करीब चार साल पहले लिखा डायरी का यादें कुरेदता पन्ना, जिसपे 'आय  मिस यू' टाइटल से पॉएम लिखने की ग़लती की थी.

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