Wednesday, August 18, 2010

मेरे तो कई ख्वाव अधूरे हैं...... जैसे तुम!!

सावन
सावन क्या है?
बूँदें बरसें तो
लहराते पेड़, उमड़ती खुशियाँ.
ना बरसें तो
ठूंठ और शोक की कविता.

कविता
कविता क्या है?
बस वो शब्द नहीं,
जो कह दिए गये.
कविता है,
शब्दों से निकले कुछ मौन अर्थ भी.
...और कुछ अनकहे शब्द भी.

अनकहे शब्द
अनकहे शब्द,
अभिव्यक्त से अधिक कठोर हैं.
एक मौन में कथनों से ज्यादा शोर है!

शोर 
शोर क्या है?
किसी सत्य पर हा-हाकार
या मौन सत्य की चीत्कार?
सड़कों पर चक्केजाम, नारेबाजी शोर है
तो अस्मिता लुटने के बाद की चुप्पी क्या है?

सत्य/ख्वाव 
सत्य क्या है?
सपनों का धरातल पर उतरना
या कुछ ख्वावों का कभी पूरा ना होना?
ख्वाब सभी को प्यारे हैं,
पूरे कितने ख्वाब तुम्हारे हैं....?
मेरे तो कई अधूरे हैं......
जैसे तुम!!

                                                  
                                                          ~V!Vs ***

15 comments:

रानीविशाल said...

Bhut sundar sabhi kavyamay paribhashaen acchi lagi...Badhai
http://kavyamanjusha.blogspot.com/

Apanatva said...

sabhee khsnikae ek se bad kar ek hai,,,,,,,,,,

bahut sunder abhivykti...........

Anand said...

sawaal vo bhi jawaab liye....

per adhurapan liye hue...kavita sochne pe majboor karti hai..

kavyalok.com

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Udan Tashtari said...

सभी एक से बढ़कर एक!

Kishore Choudhary said...

अस्मिता लुटने के बाद की चुप्पी क्या है?

bahut gambheer.

रश्मि प्रभा... said...

कितनी सहजता से विश्लेषण किया है, सब अच्छा लगा -

रंजना [रंजू भाटिया] said...

अनकहे शब्द
अनकहे शब्द,
अभिव्यक्त से अधिक कठोर हैं.
एक मौन में कथनों से ज्यादा शोर है!
सभी एक से बढ़ कर एक ..बहुत सुन्दर यह विशेष रूप से पसंद आई ..शुक्रिया

MindHunter said...

bahut sundar, mast likha hai........sach kahu to aj k shabd kahne ka mann kar rha hai-'waah'

संजय भास्कर said...

सभी एक से बढ़ कर एक

संजय भास्कर said...

lajwaab....hai

Saumya said...

i liked the innovation very much.....wonderful concept........
ख्वाब सभी को प्यारे हैं,
पूरे कितने ख्वाब तुम्हारे हैं....?
मेरे तो कई अधूरे हैं......
जैसे तुम!!

Excellent!

usha rai said...

सावन ,कविता ,शोर और सत्य पर बेबाक अर्थ पूर्ण कविताएं पढ़
कर मन को अद्भुत तसल्ली हुई ! मेरी शुभ कामनाएँ सदा ही आप के साथ हैं !

Vivek VK Jain said...

@rani vishal, udan tashtari, anand: thanks for being here.......thanks for this first visit, thanks for such nice comments.

anupama's sukrity ! said...

ह्रदय रुपी खंजर से तराशी गयी -
खूबसूरत अभिव्यक्ति -
शुभकामनाएं .

♥PaRi...кєѕα нє кon нє Wo נαηє кαнα нє♥ said...

outstanding,i really love the title of ur poetry...

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